हिमाचल दिवस: प्राकृतिक सौंदर्य, वीरता और संस्कृति का उत्सव
शिमला/धर्मशाला।
आज हिमाचल प्रदेश हिमाचल दिवस मना रहा है—एक ऐसा दिन जो ना केवल राज्य के गठन की याद दिलाता है, बल्कि उस समृद्ध विरासत, वीरता और प्राकृतिक सुंदरता को भी नमन करता है जो इसे ‘देवभूमि’ और ‘वीरभूमि’ बनाती है।
हर वर्ष 15 अप्रैल को मनाया जाने वाला यह दिवस, 1948 में हिमाचल प्रदेश के अस्तित्व में आने की ऐतिहासिक घटना को सम्मानित करता है। इस दिन कई छोटी-छोटी रियासतों के एकीकरण से एक नए प्रदेश का गठन हुआ था, जिसने आज अपनी संस्कृति, पर्यटन और विकास के क्षेत्र में अलग पहचान बना ली है।
‘प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण, समृद्ध संस्कृति, देव भूमि, वीरभूमि—हमारा हिमाचल प्रदेश!’
इस भावपूर्ण संदेश के साथ प्रदेशवासियों ने आज सोशल मीडिया और विभिन्न आयोजनों में हिमाचल के प्रति अपना प्रेम और गर्व व्यक्त किया। स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने हिमाचली विरासत को जीवंत कर दिया।



